पंख पंछियों के फैले


पंख पंछियों के फैले क्यारियों में ऐसे
क्या किसी साँप या और किसी
जानवर की करतूत है

हवा की खामोशी बताती है
वो जो भी है कहीं मौजूद है
यहीं कहीं उसका वजूद है

मगर अचानक ये शोर क्या
भोर का कलरव है
या कोई उत्सव है

किसे याद है
कि इस मिट्टी को
सब याद है

दिन में शोर हो
या रात का खामोश
दर्दनाद है